यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे लंबे युद्ध को खत्म करने के लिए एक बार फिर नई कोशिश शुरू हुई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस दिशा में बड़ा संकेत देते हुए कहा है कि अगर उनके देश को मजबूत और भरोसेमंद सुरक्षा गारंटी मिलती है, तो वह फिलहाल NATO की सदस्यता की मांग छोड़ सकते हैं। इसी मुद्दे पर जर्मनी की राजधानी बर्लिन में अमेरिका, जर्मनी और यूरोपीय देशों के प्रतिनिधियों के साथ अहम बातचीत शुरू हुई है। जेलेंस्की का कहना है कि यूक्रेन को ऐसी सुरक्षा गारंटी चाहिए जो भविष्य में रूस के किसी भी हमले से देश की रक्षा कर सके, लेकिन इसके बदले यूक्रेन अपनी जमीन का कोई हिस्सा रूस को नहीं देगा। यूक्रेन ने साफ कर दिया है कि उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं होगा। बर्लिन में चल रही यह बातचीत युद्ध रोकने, संघर्ष विराम और आगे के शांति रास्ते पर सहमति बनाने की कोशिश है, हालांकि अभी कई मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं और जमीनी हालात पूरी तरह शांत नहीं हुए हैं।अब देखना यह है कि आगे क्या होता  है युद्ध यही ख़त्म हो जाएगा या अभी  बहुत कुछ बाक़ी है 

 

 

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