सरकार ने शहरों में आवारा कुत्तों की सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने के लिए नया कदम उठाया है। इसके तहत कुत्तों में चिप लगाई जाएगी, जिससे उनकी लोकेशन और गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। यह कदम आवारा कुत्तों के सुरक्षित रहने और लोगों की सुरक्षा के लिए लिया गया है। चिप लगाने के बाद अधिकारी यह पता कर सकेंगे कि कौन से कुत्ते किस इलाके में हैं और उन्हें समय पर देखभाल दी जा सके।साथ ही, देश के कुछ हिस्सों में घोड़ों को आग में दौड़ाने की परंपरा भी चर्चा में है। यह परंपरा खास आयोजनों और मेलों में दिखाई जाती है। प्रशिक्षित घोड़े आग के बीच से तेजी से दौड़ते हैं। यह साहस और कौशल का प्रतीक माना जाता है। लोग इस परंपरा को सांस्कृतिक धरोहर के रूप में भी मानते हैं।

इसी बीच, कर्तव्य पथ की परेड में इस बार कुछ मंगोलियन ऊँट भी शामिल होंगे। ऊँटों का यह प्रदर्शन परेड में एक अलग आकर्षण लेकर आता है। मंगोलियन ऊँटों की परंपरा भारत और मंगोलिया के सांस्कृतिक संबंधों को भी दर्शाती है।

लोग इसे देखकर बहुत खुश होते हैं और यह परेड का विशेष आकर्षण बन जाती है।इन सभी पहलों का मकसद न केवल सुरक्षा और व्यवस्था है, बल्कि सांस्कृतिक और मनोरंजन का महत्व भी है। इससे आवारा कुत्तों की देखभाल बेहतर होगी और लोग घोड़ों और ऊँटों की परंपराओं को देख कर आनंद भी लेंगे।
नोएडा स्टूडियो पॉडकास्ट देखें :
