चीनी वीजा घोटाला मामले में कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम की परेशानी बढ़ गई है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में CBI द्वारा दर्ज केस में आरोप तय करने का आदेश दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब मामला अगली कानूनी प्रक्रिया में चला गया है और जल्द ही इस पर नियमित सुनवाई होगी। इस मामले में कार्ति चिदंबरम के साथ-साथ चार्टर्ड अकाउंटेंट एस. भास्कर रमन को भी आरोपी बनाया गया है। CBI का आरोप है कि वर्ष 2011 में चीन की एक कंपनी को भारत में काम करने के लिए वीजा दिलाने में नियमों का उल्लंघन किया गया और इसके बदले गलत तरीके से फायदा लिया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, वीजा प्रक्रिया को तेज कराने के लिए कथित तौर पर रिश्वत ली गई और इसमें कई लोगों की भूमिका रही।

कार्ति चिदंबरम शुरू से ही इन आरोपों को गलत बताते आए हैं। उनका कहना है कि यह मामला राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है और उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है। कोर्ट द्वारा आरोप तय होने का मतलब यह नहीं है कि कोई दोषी साबित हो गया है, बल्कि अब इस मामले में सबूतों और गवाहों के आधार पर सुनवाई होगी। आने वाले समय में अदालत तय करेगी कि आरोप सही हैं या नहीं। फिलहाल कोर्ट के आदेश के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है और कार्ति चिदंबरम की कानूनी चुनौतियां बढ़ गई हैं।
