अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष विमान एयरफोर्स-वन में तकनीकी खराबी आ जाने के कारण उन्हें बीच उड़ान से वापस लौटना पड़ा। ट्रंप स्विट्ज़रलैंड में होने वाले दावोस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भाग लेने के लिए अमेरिका के वॉशिंगटन स्थित जॉइंट बेस एंड्रयूज से रवाना हुए थे। यह यात्रा बहुत अहम मानी जा रही थी क्योंकि दावोस सम्मेलन में दुनिया के कई बड़े नेता, उद्योगपति और अर्थशास्त्री शामिल होते हैं।उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही विमान में मामूली तकनीकी समस्या सामने आई। बताया गया कि विमान के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में गड़बड़ी आई थी और कुछ देर के लिए प्रेस केबिन की लाइट भी बंद हो गई थी। हालांकि यह खराबी बहुत गंभीर नहीं थी, लेकिन राष्ट्रपति की सुरक्षा को देखते हुए पायलटों ने कोई जोखिम न लेने का फैसला किया। इसी वजह से विमान को बीच रास्ते से ही वापस अमेरिका लौटाया गया।

व्हाइट हाउस की ओर से बताया गया कि एयरफोर्स-वन पूरी तरह सुरक्षित तरीके से वापस लैंड कर गया और इस घटना में किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ। ट्रंप विमान में शांत रहे और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में थी। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत विमान की जांच शुरू कर दी।इस तकनीकी खराबी के कारण ट्रंप की दावोस यात्रा में थोड़ी देरी जरूर हुई, लेकिन उनका कार्यक्रम रद्द नहीं किया गया। बाद में राष्ट्रपति ट्रंप और उनके साथ जा रहे प्रतिनिधिमंडल को एक दूसरे वैकल्पिक सरकारी विमान से स्विट्ज़रलैंड के लिए रवाना किया गया।गौरतलब है कि एयरफोर्स-वन दुनिया के सबसे सुरक्षित विमानों में से एक माना जाता है। इसके बावजूद, यह विमान काफी पुराने हैं और समय-समय पर इनमें तकनीकी दिक्कतें सामने आती रहती हैं। अमेरिका पहले से ही नए और आधुनिक एयरफोर्स-वन विमानों पर काम कर रहा है।इस घटना के बाद भी ट्रंप के दावोस सम्मेलन में शामिल होने की योजना बरकरार है, जहां वे वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार और अमेरिकी नीतियों पर अपनी बात रख सकते हैं।
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